Month: November 2015

सामने आए मेरे देखा मुझे बात भी की (त्रिवेणी )

गुलजार के लिखे में जो सबसे अधिक पसंद आता है वह है उनकी त्रिवेणी का अंदाज़ …चंद लफ्जों में खूबसूरती से बात कह जाना कोई आसान काम नही है …

मुद्दतों बाद एक खत चला है मेरे नाम से

मुद्दतों बाद एक खत चला है मेरे नाम से, किसी ने पैगामे-ईश्‍क भेजा है मेरे नाम से। शायद चल पड़े सिलसिला खत भेजने का, आज पहला खत उसने भेजा …