Category: Khat Shayari

मुद्दतों बाद एक खत चला है मेरे नाम से

मुद्दतों बाद एक खत चला है मेरे नाम से, किसी ने पैगामे-ईश्‍क भेजा है मेरे नाम से। शायद चल पड़े सिलसिला खत भेजने का, आज पहला खत उसने भेजा …

Khat Shayari: अंधेरा है कैसे तिरा खत पढ़ूं, लिफ़ाफ़े में जरा रोशनी भेज दे

कासिद के आते आते ख़त इक और लिख रखूं मैं जानता हूं जो वो लिखेंगे जावाब में कैसे मानें कि उन्हे भूल गया तू ऐ ‘कैफ़’ उअन के ख़त …