‘अज़ीज़’ हामिद मदनी

  • ‘अज़ीज़’ हामिद मदनी

    1.  ताज़ा हवा बहार की दिल का मलाल ले गई पा-ए-जुनूँ से हल्क़ा-ए-गर्दिश-ए-हाल ले गईजुरअत-ए-शौक़ के सिवा ख़लवतियाँ-ए-ख़ास को इक…

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