Dalit Poetry

सलाह / निशांत

वह हरिजन था

वह हरिजन था
उसने मन्दिर में
प्रवेश करने की कोशिश की
और तुमने उसे
क़त्ल कर दिया

वैसे इसकी
ज़रा भी ज़रुरत नहीं थी
तुम उसे विज्ञान
और नये ज्ञान का
रास्ता दिखा देते
या किसी नास्तिक से
मिलवा देते!

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